रविवार, 28 नवंबर 2010

may god panish Dr.v.k.Sinha......

डॉ.वि.के सिन्हा ल.वि.वि के पीछे  पशु चिकित्सालय के डॉ.है .विकास नगर सेक्टर १ में इनके घर पर ही इनकी ब्लू पल्स पेट्स क्लिनिक है. ये हमारे हैप्पी(कुत्ते) के डॉ.थे. हैप्पी जब पहली बार हमारे आया था तब से लेकर आखीर तक कभी भी इतना बीमार न हुआ. जब वो छह माह का हुआ तब पहली बार ब्लू  प्लस पेट्स क्लिनिक के डॉ. सिन्हा से उसकी  पहली बार मुलाकात हुई.और फिर हर छह माह में चेक अप  और हर जनवरी को टीका लगवाने वो सिन्हा जी के पास ही जाता था...हर दीवाली की तरह इस बार भी पटाको की आवाज से उसने पाच दिन तक खाना पीना छोड़  रखा था...बहुत मानाने पर थोडा सा दूध पीता...भाई दूज पर हमेशा की तरह उसका भी मैंने टीका किया .....वो काफी सुस्त था....लकिन हमने सोचा की अब पटाखों का शोर ख़त्म हो गया और हैप्पी भी अपने नोर्मल लाइफ में वापस आ जायेगा . लकिन अब भाई दूज को बीते हुए एक सप्ताह हो गया था उसने अभी तक ठीक से खाना पीना शुरू नहीं किया था.इस लिए हम उसे १४ नवम्बर बाल दिवस क दिन शाम ८:०० बजे ब्लू पेट्स क्लिनिक ले गए . डॉ. सिन्हा ने कहा की के दिनों से ठीक से खाना न खानेके कारन वो काफी कमज़ोर हो गया है...उसे कुछ दिनों तक ग्लुकोज़े चदना होगा...और कुछ ही दिनों में ठीक हो जायेगा...रविवार से लेकर शुक्रवर तक उन्होंने उसे ग्लुकोज़े चडाया मगर लगातार dip लगने से अब उसके पैरो में काफी दर्द सा हो गया था जिससे वो चलने फिरने में बहुत तकलीफ महसूस करता था..चलता और गिर जाता..डॉ.ने हर बार कहा की कमजोरे है ठीक हो जायेगा भाई ने कहा इससे इन्टरनल कोई दिक्कत तो नहीं कहे तो blood टेस्ट करा ले डॉ. नहीं इसकी कोई ज़रूरत नहीं...डॉ. मै मै हू. आप चिंता न करे.....
१७ नवम्बर बकरीद क दिन से उसको चलने फिरने में भी तकलीफ होने लगी......लगातार डिप लगने क कारण उसके पिछले पैरो में सूजन और दर्द काफी रहने लगा था जिससे वो चलता और गिर जाता....हमने  डॉ को बताया उन्होंने कहा बस कुछ दिन में वो खाने लगेगा और डिप लग्न बंद फिर पैरो का दर्द भी ठीक हो जायेगा...आज १९ नवम्बर हो गये  आज हैप्पी जब डॉ के पास से वापस आया वो खड़ा भी नहीं हो प् रहा था...माँ बहुत परेशान और गुस्सा थी डॉ.से...
इसलिए २० नवम्बर को उन्होंने उस डॉ क पास हैप्पी को ले जाने के लिए मना कर दिया... उस दिन हैप्पी काफी रेलक्स महसूस कर रहा था....उसने कई दिनों बाद ज़रा सा  दूध और रात को पानी भी  पिया और खूब सोया...
२१ नवम्बर  को मेरे भाई के जन्म दिन पर मेरा पूरा परिवार एकत्रित हुआ....सबके आने से हैप्पी भी  खुश था ये बिस्तर पर लेटे हुए उसकी  हिलती हुई पूछ बता रही थी लकिन हैप्पी के इस निढाल सवरूप को देखा सब चिंतित भी थे........
२२ नवम्बर को वो आखिर बार खड़ा हुआ सु सु गया ओर वापस कमरे की ओर आते वकत गिर पड़ा मैंने उसको ९:१५ पर गर्म पानी से ब्रुश कराया थोडा गर्म पाने पिलाया ओर माँ से कहा की छत्त पे अचछी धूप आ गयी  है .मै नहाने के बाद  हैप्पी को धुप में ले जाउंगी... १०:०० बजे मै नहा कर पूजा कर आयी और हैप्पी को छत्त पर ले गयी लकिन ये क्या अभी २ मिनट पहले सूर्य को जल चडाया था तो धूप थी और हैप्पी को छत्त पर लाते ही धूप गायब और ठंडी हवा चल रही थी उस हवा क छूते ही वो बहुत कॉप रहा था तभी भाई आये और कहा की नये डॉ से appointment  मिल गया है  हैप्पी को लेके चलते  है....
माँ हैप्पी को बगैर कुछ खिलाये नहीं भेजना चाहती थी लकिन वो कुछ  खएगा य निश्चित न था....bhai ने कहा चेक अप करा लाये फिर.......
माँ ने कहा शाम को भी तो डॉ रहेंगे तब ले जाना लकिन मेरे तो मति मारी गयी थी और मै माँ की इच्चा विरुद्ध १०;३०  पर उसे डॉ क पास ले गयी.नए डॉ ने उसकी रिपोर्ट्स मांगी हमने कवल डॉ क पर्चे दिखाए...
क्यू की v .K.सिन्हा ने कोई और टेस्ट कराया ही नहीं था ... डॉ. ने १०:४५ पर इलाज शुरू किया...हैप्पी का खून निकला टेस्ट, के लिए डिप लगाई heart beat चेक की जो की अनियंत्रित थी..११:३० पर एक injection आधा दिया..मै हैप्पी का सर सहला रही  थी ११:३४ पर डॉ मुझेसे कुछ कह रहे थे मै बस एक मिन के लिए उससे दूर हुई और और अगले पल हे ११:३५ पर compounder चिल्लाया डॉ.......
और मैंने जाना मेरा बच्चा हैप्पी मर गया .......................................................................................
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डॉ ने कहा अब कुछ नहीं हो सकता मैंने छोटी शीशी में रखे हैप्पी के खून को टेस्ट करने क लिए कहा. डॉ ने कहा अब blood टेस्ट क्यू ...मैंने भाई से कहा भैया मै जानना चाहती हू की आखिर मेरे बेबी को हुआ क्या था...साथ ही मैंने वो injection rappers भी लिए जिससे की जान सकू की उसकी मौत का दोषी है कोंन....
शाम ५:०० बजे हम उसका अंतिम संस्कार कर क वापस आये...&७:३० पर उसकी blood report लेने गये...और तब पता चला की मेरे बच्चे को penkriyaz का इन्फ़ेक्तिओन था जो टाइम पर सहे इलाज़ न मिलने से उसके बाकि आंतरिक अंगो किडनी,लीवर इत्यादी में फ़ैल चुका था जिससे उस्सकी हालत दिनों दिन बिगड़ रही थी अगर समय पर उसको सही इलाज़ मिल जाता तो १००% वो बिलकुल सही हो जाता...इसलिए दिल चाहता है की....................................................................................................................................................
May God panish Dr.V .K .सिन्हा(ब्लू पल्स पेट्स क्लिनिक)