मंगलवार, 21 सितंबर 2010

same gender hai to kya....

आज मेरी किसी मित्र ने मुझे sms किया जैसा की वो अक्सर ही किया करती है और मै उसे....    जिस दिन sms मै न करू या उसका sms न आये तो जैसे दिन अधूरा सा लगता है ये  सिलसिला  काफी पुराना है...वो मेरी  पसंद और न पसंद भी जानती थी पर फिर भी उसने आज जाने ऐसा क्यू किया... अब आप ये सोच रहे होंगे की ऐसा भी उसने क्या किया.....अगर  उसकी नज़र से देखा जाये तो उसने जयादा कुछ नहीं सिर्फ एक stupid वाहियात nonsence bole तो नॉन veg sms ही तो किया था . मैंने उसे उसी  समय अपनी  नाराजगी  जताने के लिए कॉल किया तो उसका उत्तर सुन  कर मै कुछ सोच मै पड़ गयी...उसका कहना था की इतना गुस्सा क्यू हो रही  हो यार मैंने ही  तो sms किया है किसी लड़के ने नहीं.... और यार same gender मे तो इतना चलता है जस्ट कूल यार मुझे भी तो मेरी  कई दोस्त करती है मै तो इंतना राइ का पहाड़ नहीं बनाती...  she suggested me just read enjoy and  delete ...मै उसकी बातो का अर्थ न समझ सकी...
क्या वो ये कहना चाहती  थी की खुश होने कई लिए अगर वाहियात चीजो का का सहारा लेना पड़े तो बुरा नहीं है...या वो ये कहना चाहती  थी की  same gender है तो तामीज़ और तहज़ीब की दरकार नहीं...इसका मतलब की तमीज़ और तहज़ीब केवल  opposite gender के लिए एक मुखौटे की तरह प्रयोग में लाये जाने वाली  चीज़ है...यानी  ये आप को दोहरा character  play  करने में सहयोग करती है... 
मुझे ये जान के बेहद अफ़सोस है की किस तरह की सोच को  लेकर  हम आगे बढ रहे है... मै अब तक अपनी ३ मित्रो  को अपनी  फ़ोन लिस्ट से बेदखल के चुकी हू .......उनकी इसी  मानसिकता के  चलते...मै अपना सेल no देने के साथ ये कहना नहीं भूलती की जरुरी हो तो ही call करे यूही   कॉल  करने से बचे .....अगर किसी ने पूछा की आप को sms सेंड कर सकती हू ...मेरा जवाब होता है हा, कभी कभी लकिन only thoughtful  या जरुरी sms.....इन सब के बाद भी मै किसी की इस मामले में ३ गलतिया ब्रह्मा विष्णु और महेश के नाम से माफ़ करती हू. और उसके बाद  न चाहते हुए भी मेरे पास फिर एक ही रास्ता शेष बचाता है...यही की उसे अपने फ़ोन लिस्ट से बहार निकाल फेको....अपनी  ये दोस्त भी मुझे उतनी  ही  अज़ीज़  है जितनी की और. इसलिए मै ऊपर वाले से अब बस यही प्रार्थना कर सकती हू की मेरी  एक और अज़ीज़  दोस्त मेरे फ़ोन लिस्ट से बहार न हो....  एक और चीज़ जो मेरे sms  में आती है की "ये sms १० लोगो को भेजो आप का लाभ होगा" या "अगर आप को आपने माँ या पिता या lover  की फ़िक्र है तो १० लोगो को भेजो नहीं तो आप का अमंगल होगा.
कुछ इसी से मिलते जुलते sms शायद आप के  भी पास आते हो....तो मै आप से पूछना  चाहूंगी की  आप ने अब तक कितने लोगो की जान बचाई  है इस समस को १० लोगो तक भेज कर.या  यू कहे की  इस अंध विश्वास को बढाने में की हद तक योगदान दिया है...खैर अगर मै अपनी बात करू तो मैंने तो आज तक एक भी बार ऐसे sms को किसी  दूसरे  तक नहीं पहुचने दिया.अगर ये चीजे  मेरे साथ हो रही है को शायद आप के साथ भी हुए होंगी...मै बस इनती गुज़ारिश करना चाहती हू की भेंड चाल का हिस्सा न बने अपने  विवेक से काम ले. क्यू की कहने को  तो ये बाते है बहुत ही छोटी लकिन ये ये छोटी छोटी बाते ही समाज की खुराक बनती है.वो  कहावत तो आप ने सुनी ही होगी  की "जैसा खाए अन्न वैसा होवे मन. इसलिए समाज को सवास्थ खुराक दे. स्वच्छ और जागरूक समाज बनाने में अपना योगदान करे.
वो कहते है न ........
"हम बदलेंगे युग बदलेगा,
हम सुधरेंगे युग सुधरेगा....   

2 टिप्‍पणियां:

  1. kya baat hai maam! welcometo blog world...nice write up! good n nice...

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  2. sab ek se nahi hote..aur sab ke vichar bhi nahi...
    khair aap to apne un dosto ko alert kar deti hai aur unne 3 times chance bhi deti hai.....bas mujhe jis baat se aap ki raay nhi mili vo ye dost aap ka to usake na-pasand gun bhi aap ko sahane padenge....

    aur jo baat aap ne number delete karne ki kahi ...chaliye maan lete hai ki aap number mita kar apni santushti paa leti hai...lakin us dosti ka kya jise...kya use bhi DELETE button daba kar..Empty Trash kar diya....


    mujhe ye nahi kahna aap galat ho yaa sahi...sivaay esake ki...aap ko baat nahi karni, milna nahi yaa us dost ke bare me discuses nahi karna..theek hai aap ki marji...

    Lakin kya us dost ko door se CARE karte rahna nahi chahiye....

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